शीर्षक - पिता
पिता जनक पालनहार
वो है ईश्वर का अनुपम उपहार
हाथ पकड़ कर चलना सिखाते
हमारी राहों को सुगम बनाते
अच्छे बुरे की परख बताते
जीवन जीने का सही रास्ता दिखलाते
बाहर से कठोर अंदर से नरम
प्यार पिता का सब दुखों की मरहम।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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