शीर्षक- सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति हम हृदय से गाते हैं
अपने मन में उनकी भक्ति का फूल खिलाते हैं
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति.............................
राजा दशरथ माता कौशल्या को राम प्राणों से प्यारे हैं
कोटि कोटि पापी प्रभु राम ने क्षण में तारे हैं
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति............................
गौतम नारी अहिल्या का प्रभु ने उद्धार किया
बैकुंठ धाम में विशेष स्थान दिया
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति............................
ताड़का राक्षसी ने सब ऋषि मुनियों को परेशान किया
भगवान राम ने उस दुष्टा का वध कर सबको को अभयदान प्रदान किया
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति............................
माता शबरी के झूठे बेर बड़े चाव से खाते हैं
जात पात का भ्रम सबके हृदय से मिटाते हैं
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति............................
ऐसे परमदयालु भगवान श्री रामचन्द्र को हम नित नित शीश झुकाते हैं
उनकी यश गाते गाते हम भवसागर पार हो जाते हैं
सूर्यवंशी भगवान श्री रामचन्द्र की स्तुति............................
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला- सांबा, जम्मू कश्मीर
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