शीर्षक - नववर्ष
फूलों से घर को सजाते हैं
आओ मिलकर नववर्ष मनाते है
रूठे मित्रों को गले से लगाते है
सारे गिले शिकवों को हृदय से मिटाते हैं
सबको नववर्ष की हार्दिक बधाई देते हैं
एक दूसरे को खुश रखने की शपथ लेते है
नववर्ष में नया आरंभ करते है
सबकी भावनाओं को समझने का यत्न करते है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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