शीर्षक - कहते हैं मुझे सभी तूं दुनिया से अनजान हैं
कहते हैं मुझे सभी तूं दुनिया से अनजान
अब तो मैंने भी जान लिया
दुनिया का ज्ञान मुझे भी थोड़ा था
पर मेरे यार मैंने किसी का दिल नहीं तोड़ा था
अपनी हिम्मत मैं कभी टूटने नहीं दूंगा
हर परिस्थिति से डटकर मुकाबला करूंगा
मेरा यार परमात्मा मेरे साथ हैं
वो ही मेरे काज को हमेशा करता रास है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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