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सोमवार, 4 अप्रैल 2022

मां शेरावाली

शीर्षक - मां शेरावाली

मां शेरावाली तूं ही मेहर कर दें

 सबकी खाली झोली खुशियों से भर दें 

मां शेरावाली तूं ही मेहर कर दें.................

तूं ही दयानिधान क्षण में होती मेहरबान 

तेरे दर आने वाला पाता सब सिद्धियों का ज्ञान 

मां शेरावाली तूं ही मेहर कर दें................. 

पापियों की संहारक बनती भक्त जनों की  रक्षा करती 

तेरा भक्त तेरे से अभयदान पाता आठों पहर तेरी महिमा गाता 

मां शेरावाली तूं ही मेहर कर दें................. 

करती शेर सवारी लगती तेरे भक्तों को लगती बहुत  प्यारी 

तेरा रूप सबसे न्यारा लगता चांद से प्यारा लगता

मां शेरावाली तूं ही मेहर कर दें.................

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा,  जम्मू कश्मीर







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