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बुधवार, 6 अप्रैल 2022

भाई सजन जी

शीर्षक - भाई सजन जी

 आज कौन सजन ठग के भाग्य जागने आया है 

दिखावटी धर्मी को सही धर्म की शिक्षा देने आया है

सजन ने सोचा आज उनको लूट कर बहुत अमीर बन जाऊंगा 

मारकर दोनों को दूर फैंक आऊंगा 

धन दौलत से सारा जीवन मौज मस्ती में बिताऊंगा

 सतगुरु के सोने का इंतजार करने लगा 

सतगुरु ने मरदाना जी को रबाब बजाने का हुक्म किया 

अपनी पावन रसना से रूहानी वाणी का शब्द गायन किया

रूहानी उपदेश को सुनकर सजन द्रवित हुआ 

अपने द्वारा किए गए सभी पापों का उसे स्मरण हो आया 

मन में बहुत पछताया सतगुरु नानक के चरणों में शीश झुकाया 

सतगुरु जी ने नाम का दान दिया सजन को कर्मों को सुधारने का ज्ञान दिया 

भाई सजन ने सतगुरु के बताए मार्ग पर चलकर सम्मान बहुत पाया 

सतगुरु नानक के उपदेश अनुसार सारा जीवन बिताया।


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा ,  जम्मू कश्मीर





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