शीर्षक - बेरोज़गारी का रोना
सब ओर बेरोज़गारी का रोना
अब लगता है सबको खाली पेट ही सोना
हर कोई इस समस्या से परेशान
बेरोज़गारी का कोई दिखता नहीं समाधान
रोजगार के साधन कैसे बनाये
नई पीढ़ी को इस समस्या से कैसे निजात दिलाये
महंगाई भत्ता भी सरकारी रोजगार को मिलता
बेरोजगार तो सिर्फ खाली हाथ मलता
सरकारें भी सिर्फ झूठे वादे करती
केवल बेरोज़गारी को दूर करने का पाखंड ही रचती
कौन सुझवान नेता देश से बेरोज़गारी का दाग़ मिटेगा
देश की नव पीढ़ी को रोजगार के साधन उपलब्ध करायेगा।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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