फ़ॉलोअर

मंगलवार, 29 मार्च 2022

मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल

शीर्षक -  मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल 

मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल 

तभी पायेगा प्रभु का दर 

 मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल...........

दया भाव सबसे पर दिखाऊं 

यही शुभ गुण में अपनाऊं 

 मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल..............

संतोष करने से तृष्णा मिट जाएं 

लोभ लालच की भावना मन को सताएं 

 मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल............

काम क्रोध करते हैं शुभ गुणों का नाश 

यह अवगुण प्रभु कृपा से गए भाग 

 मन मेरे प्रेम के मार्ग पर चल.............

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा,  जम्मू कश्मीर








कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...