शीर्षक - अहंकार विनाश का कारण हमेशा से बनता आया
अंहकार विनाश का कारण हमेशा से बनता आया
बड़े विद्वानों, ऋषि मुनियों,वीर योद्धा को मिट्टी में मिलाता आया
रावण बहुत बड़ा विद्वान था वो भी अहंकार का शिकार हुआ
समूह उसके कुटुंब का एक पल में ही विनाश हुआ
ऋषि मुनियों भी हजारों वर्ष तपस्या करके इसे मार नहीं पाते थे
तपस्या का अहंकार करके कर्मों के चक्र में फंस जाते थे
वीरता का अहंकार का योद्धा को युद्ध में हार दिलाता है
जितना मर्जी अस्त्र शस्त्र हो वो जबाव दे जाते हैं
अंहकार का हमेशा त्याग करें
विनम्रता से हमेशा सब से बात करें
अंहकार विनाश की ओर ले जाता
यही मानव के पतन का कारण बनता
अंहकार मन मस्तिष्क को मैल करता
अच्छे पुण्य कर्मों को भी यह हरता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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