शीर्षक - दिल की बात किस से कहूं
दिल की बात किस से कहूं
मन में थोड़ा चैन आए
तेरे साथ मैं गुफ्तगू करूं
तूं मेरे प्यार को समझ पाएं
मेरे हर एहसास का तूं मीत
यही प्रेम प्यार की सच्ची रीत
तेरे प्यार के गीत में गाऊं
जिंदगी के दुख दर्द भूल जाऊं
तेरा हर बोल मिश्री से मीठा लगता
मेरे मन के सब दुख दर्द दूर करता
तेरा पास होना मुझे है भाता
मेरा जीवन खुशियों से भर जाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला- सांबा, जम्मू कश्मीर
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