शीर्षक - कागज के फूल
कागज के फूल कभी खुश्बू नहीं दिया करते
दूसरे के सहारे जीने वाले कामयाब नहीं हुआ करते
कागज के फूल उन रिश्तों की तरह है
जो सिर्फ दिखावा ही करते हैं
मुसीबतें आने पर पीठ फेर लेते हैं
केवल साथ होने का दम ही भरते है
कागज के फूलों से अर्क नहीं बनता
दिखावा करने से प्यार का रिश्ता नहीं जुड़ता
कागज के फूलों से खुश्बू की आस मत कीजिए
हर रिश्ते को प्रेम प्यार की भावना से जीतिए
कागज के फूल देखने में ही खूबसूरत लगते
असली फूलों की तरह वे कभी नहीं महकते
मन से बनावटीपन हम भी निकाल दें
सारे संसार से दिल से प्यार करें
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें