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शनिवार, 25 दिसंबर 2021

माता गुजरी जी

 शीर्षक - माता गुजरी जी

माता गुजरी जी  तेरी कुर्बानी को हिंदोस्ता याद करता

तेरे परिवार की कुर्बानियों से ही आबाद दिखता

तूने ही अपने पोतों को गुरु तेगबहादुर की सीख सिखाई

तभी उन्होंने धर्म की खातिर अपने प्राणों की बलि चढाई

तेरे दो बड़े पोतो ने चमकौर गढ़ी में अपना रण कौशल दिखलाया

लाखों ही दुश्मनों को मृत्यु के द्वार पहुंचाया

तेरे दो छोटे पोतों ने दादा गुरु तेग बहादुर के मान को बढ़ाया

हंसते हंसते अपने आप को सरहिंद की दीवार में चुनवाया

माता गुजरी जैसी माँ का दर्शन ईश्वर भी देखना चाहता

जिसके श्री चरणों में संपूर्ण ब्रह्माण्ड अपना शीश झुकाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा ,जम्मू कश्मीर




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