शीर्षक - नववर्ष
खुशियों से भरा नववर्ष आया, हर कली को जगाने आया,
आलस को दूर भगाकर ,लक्ष्य की ओर बढ़ाने आया ।
नफरतों को दिलों से मिटाकर, प्रेम प्यार से रहने की सीख सिखाने आया,
एकता की ताकत का महत्व, सबको समझाने आया।
नाउम्मीद की भावना हटाकर, उम्मीदों को दिलों में फिर से जगाने आया।
सबको आगे बढ़कर, मुश्किलों से लड़ने की सीख सिखाने आया।
पिछले गमों को दिल से मिटाने का , नई खुशियाँ का स्वागत करने का शुभ अवसर आया ।
ऐसा उत्साह सब दिलों में भरने का, यह संदेशा नववर्ष अपने साथ लाया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा , जम्मू कश्मीर
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