विषय - जिंदगी का सफर
विधा - गद्य
जिंदगी के सफर में बहुत सारे उतार चढ़ाव आते जाते रहते हैं जो मनुष्य को मजबूत बनाते हैं । जीवन में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करता है यह जीवन का सफ़र।
सरलाअपने जीवन में बहुत ही खुश थी घर में किसी चीज की कमी नहीं थी । संतान भी बहुत आज्ञाकारी थी पति का कारोबार विदेशों में फैल चुका था दान पुण्य भी बहुत कमाते थे। किसी भी मांगने वाले को कभी भी खाली हाथ नहीं भेजते थे।
सरला स्वभाव की बहुत भोली थी एक दिन उसके देवर ने सरला से जमीन कारोबार के कागजात मांगे तुरंत दे दिए क्योंकि वह सभी को अपनी तरह ईमानदार और भोला भाला समझती थी उसे क्या पता था उसका देवर उसके भोले भाले स्वभाव का फायदा उठा रहा है
सरला के देवर ने सारी जमीन जायदाद अपने नाम करवा ली अब सरला के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय हो गई लेकिन उन लोगों ने हिम्मत नहीं हारी सरला ने आचार बनाने का कार्य आरंभ किया घर में खुशी लौटने लगी आचार कारोबार सभी सदस्यों के सहयोग के कारण कारोबार बहुत बढ़ गया ।
अब सरला ने पहले से भी बड़ा घर खरीद लिया उनका आचार कारोबार विदेशों में भी फैल गया सरला के देवर को कारोबार में बहुत घाटा हो गया कारोबार के साथ सेहत भी गई गरीबी और बीमारी ने उसे उसकी गलती का अहसास करा दिया । वह अपनी भाभी सरला और उसके सारे परिवार से अपनी गलती के लिए माफी मांगने लगा । सरला ने उसे उसकी गलती के लिए क्षमा कर दिया।
मनुष्य जीवन के सफर में बहुत कुछ सीखता और सिखाता है अपने इन्ही अनुभवों से जीवन में आनेवाली कठिनाइयों को दूर करता है।
स्वरचित एवं मौलिक सिंह
अमरजीत सिंह
सांबा जम्मू कश्मीर
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