#विषय - वीरांगना झलकारी बाई
विधा - कविता
साहस वीरता जिसकी पहचान थी,
वो वीरांगना झलकारी बाई महान थी,
सदोवा जमुनाबाई की संतान थी,
बुंदेलखंड की धरती उसका जन्मस्थान थी ।
झलकारी बाई झांसी में ब्याही थी,
सबने वहाँ बहुत खुशी मनाई थी,
झलकारी बाई के पति रानी लक्ष्मीबाई की सेना में सिपाही थे,
अपने प्राणों की आहुति देकर पूरन ने देश सेवा निभाई थी ।
दुर्गादल शाखा में सेनापति की भूमिका खूब निभाई थी,
अपनी सूझबूझ से रानी लक्ष्मीबाई की जान उसने बचाई थी,
रानी लक्ष्मीबाई की प्यारी सखी तभी बन पाई थी,
प्राणों की आहुति देकर देश की आज़ादी के लिए लडी लड़ाई थी ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
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