नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार हिमाचल प्रदेश इकाई
दिनांक - 09/07/2021
दिन- शुक्रवार
#विषय - देवभूमि हिमाचल प्रदेश
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
देवभूमि को नमन बारंबार,
इसके कण कण में ईश्वर का है बास,
बर्फ से ढकी पहाड़ी चमकती कंचन समान,
देवभूमि हिमाचल प्रदेश का हर कोई करता दिल से सम्मान,
पांच शक्तिपीठ माता सती की दिलाते याद,
देवभूमि पर स्वयं देवता करते बास,
ब्रह्मा विष्णु महेश ने यही लगाया ध्यान,
हर कोई देवभूमि को पूजता त्रिदेव का यही भक्ति स्थान,
श्री हनुमान जी संजीवनी खोजने देवभूमि आएं,
उसी संजीवनी से श्री लक्ष्मण के प्राण बचाएं,
गुरु नानक ने गरम चश्मे में लंगर बनाया,
वो पवित्र स्थान मणिकर्ण कहलाया,
धर्मशाला में बौद्ध धर्म का बहुत बड़ा धार्मिक स्थान,
वहाँ ही है बौद्ध धर्म गुरु का निवास स्थान,
कुल्लू ,मनाली सभी घूमने आते,
प्राकृतिक सुंदरता देखकर हैरान हो जाते,
शुद्व वातावरण मन में शांति भर जाता,
तन मन में नव स्फूर्ति लाता,
देवभूमि सबको पास बुलाती,
मन में श्रृद्धा भाव जगाती ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
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