नमन मंच 🙏🙏🙏
#गूंज क़लम की झारखंड इकाई
दिनांक - 30/07/2021
दिन - शुक्रवार
#विषय - एहसास
विधा - काव्य
हर श्वास तेरे पास होने का प्रीतम एहसास कराता,
मेरा विश्वास तेरे लिए सदा बढ़ता जाता ।
एहसास ही रिश्ते को मजबूत बनाता,
प्रीतम को देखने का चाह बढ़ता जाता।
एहसास मेरी कमियाँ बताता,
दूर करने की राह बतलाता।
तेरे दूर होने का एहसास मुझे रुलाता,
तेरी रहमत की कीमत बतलाता
तेरे मिलने का एहसास मुझे खुशनसीब बनाता,
मेरे सारे दुख सुख भुलाता।
एहसास ही इंसान को इंसान बनाता,
मानवता के गुणों की सीख सिखाता।
एहसास ही मनुष्य को गलतियां करने से बचाता,
मनुष्य को देव तुल्य बनाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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