नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार मध्यप्रदेश इकाई
दिनांक - 05/07/2021
दिन- रविवार
#विषय - पशु संरक्षण
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
पशु प्रकृति का अनुपम उपहार,
इनको न समझो बेकार,
जीवन में कई काम यह करते है,
न जाने फिर क्यों ना शुकरे लोग इनके प्राण हरते,
गाय, भैंस, बकरी अमृत रूपी दूध सबको पान करती,
मानव शरीर को खूब बलवान बनाती,
कुत्ता भी बहुत ईमानदार दिखाता,
घर की रक्षा के अपनी नींद गंवाता है,
पशु पक्षी भी धरती को सुंदरता को बढ़ाता है,
धरती को स्वच्छ रखने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं,
घोड़ा, गंदा ,बैल थोड़ा खाकर ,
अपने मलिक के लिए पैसा बहुत कमाता है,
जंगल को कटने से बचाना है,
पेड़ों को कटाने वाले को हवालात पहुंचाना है,
जंगल में शिकार करने वाले को उचित दंड दिलवाना है,
पशु पक्षियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज को उठाना है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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