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शनिवार, 17 जुलाई 2021

गणेश वंदना


 #विषय - गणेश वंदना

विधा - छंदमुक्त कविता


प्रथम पूज्य तुम कहलाते, 

जीवन के सब संकट मिटाते । 


चारों वेदों के तुम ज्ञाता, 

सब ज्ञान तुम में समाता । 


माता पार्वती के तुम दुलारे, 

शिव शंकर को प्राणों से प्यारे । 


एकदंत के नाम से पुकारे जाते, 

दुष्टों को क्षण में मार भागते । 


मंगलमय नाम तुम्हारा, 

भक्त जनों का तुम ही सहारा । 


 प्रेम प्रीत जो तुम को ध्याता , 

मनवांछित फल वो पाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर




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