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#समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत
दिनांक - 27-28/07/2021
दिन - मंगलवार - बुधवार
विषय - मिसाईल मैन ए. पी.जे.अब्दुल कलाम
विधा - छंदमुक्त कविता
15 अक्तूबर 1931 तमिलनाडु के रामेश्वर में सौभाग्य का दिन आया,
जैनुल्लाब्दीन और आशियम्मा को माता पिता के रूप में पाया,
परिवार की आर्थिक स्थिति थी बहुत खराब,
कभी न हारे अब्दुल कलाम ,
1954 में तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ़ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया पास,
उन्होंने जागती आंखों से देखें थे सुनहरे ख्वाब,
1960 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉज़ी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पूरी की पढ़ाई,
उस मेहनतकश इंसान ने अपनी हिम्मत स्वयं बढ़ाई,
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में वैज्ञानिक के तौर पर कार्य किया,
भारतीय सेना के लिए छोटे हेलिकॉप्टर का डिजाइन बनाया,
बैलिस्टिक मिसाइल के विकास के लिए दिया योगदान,
मिल गया उनको मिसाईल मैन का नया नाम,
1998 मेंपोखरन-द्वितीय परमाणु परीक्षण में कलाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,
उनके कारण ही भारत की गिनती परमाणु संपन्न देश में आई,
पदम भूषण , पदम विभूषण , भारत रत्न जैसा सम्मान उन्होंने पाया,
भारत के बारहवें राष्ट्रपति का पद भार संभाला,
27 जुलाई 2015 को मिसाईल मैन ने संसार को दिया त्याग,
भारत माता के बहुत प्यारे है वो लाल ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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