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सोमवार, 26 जुलाई 2021

महानायिका फूलन देवी

 नमन मंच🙏🙏🙏 🌹🌼🌻🌺🌸💐

#समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत

दिनांक - 26/07/2021

दिन - सोमवार

विषय - महानायिका फूलन देवी

विधा - छंदमुक्त कविता


10 अगस्त 1963 को जन्मी फूलन देवी, 

शुरू से ही जातिगत भेदभाव की हुई शिकार, 

ग्यारह वर्ष में ही विवाह दी गई, 

दुराचार का हो गई शिकार, 

सुसराल छोड़ भाग आई पिता के द्वार, 

मेहनत कर खाना खाने लगी ना बनी किसी के लिए भार, 

पंद्रह वर्ष की आयु में ठाकुरों ने कुकर्म कमाया, 

बलात्कार की घटना ने फूलन देवी को दुख पहुंचाया, 

फूलन ने न्याय पाने के लिए हर द्वार खटखटाया, 

न्याय न मिलने पर फूलन ने बंदूक को उठाया, 

सन 1981 में फूलन देवी में गैंगरेप का बदला चुकाया, 

बाईस स्वर्णजाति के पुरूषों को गोलियों से उड़ाया, 

1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फूलन देवी को आत्मसमर्पण करने के लिए कह डाला, 

विक्रम मल्लाह की मौत ने फूलन देवी को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर डाला

आत्मसमर्पण करने पर फूलन ने सरकार सेअपनी सब शर्तें मनवाई , 

ग्यारह वर्ष की अवधि बिना सजा के जेल में बिताई , 

समाजवादी पार्टी की सरकार ने फूलन को रिहा करवाया , 

अपनी पार्टी के टिकट पर सांसद का चुनाव है लड़ाया, 

फूलन देवी ने दो बार चुनाव में जीत पाई, 

हमेशा ही लड़ती पिछड़े वर्ग के लिए लड़ाई, 

सन 2001 में उसने अपने प्राणों का दिया बलिदान, 

जुल्म न सहने की शिक्षा दे गई सबको वो महान  । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर

फूल














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