नमन मंच 🙏🙏🙏
विषय-उपहार
पेड़ पौधे प्रकृति के अनमोल उपहार,
इनकी करो सदा देखभाल,
इन्होंने हमारे जीवन को सुखद बनाया,
रोगों को कोसों दूर भगाया,
शुद्ध हवा का देते सबको उपहार,
रोगों का उपचार भी इनके पास,
जल ही जीवन कहलाता,
हर प्राणी को यह मुफ़्त में मिल जाता,
भूमि हमारी माता कहलाती,
हमारा पेट भरने के लिए अनेकों दुख सह जाती,
पहाड़ नदियाँ झरने भी प्रकृति के ही बहुमूल्य उपहार,
जीवन में भरते खुशियाँ कई हज़ार,
पहाड़ पर घूमने जाना सबको सुहाता,
तन मन में नव उमंग भर जाता,
पहाड़ धरती को सुंदर बनाते,
उसकी सुंदरता में और निखार लाते,
तेज हवाओं के आने पर रोक लगाते,
सबको भारी नुकसान से बचाते,
नदी नालो का पानी अनाज उगाने के काम आता,
बिजली की सुविधा घर घर पहुंचाता,
प्रकृति के उपहारों का दिल से करो सत्कार,
यही हमारा है प्रकृति माँ के लिए प्यार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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