शीर्षक - भारतीय सैनिक
भारत के सपूत बहुत महान है ,
देश की सुरक्षा के लिए देते अपने प्राण है,
अपने दुख सुख की चिंता छोड़,
दिल से देश की सेवा कमाते ,
गर्मी सर्दी को सदा सहते ,
हर साँस अपनी देश सेवा में लगाते ,
घर बार की चिंता उसको भी सताती ,
देश के लिए समर्पण की भावना सब भुलाती ,
सैनिक का परिवार घुट- घुट के जीता है,
हर आंसू अंदर ही अंदर पीता है,
बेटा मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना फर्ज निभाता है,
शहीद का परिवार रो रो कर जीवन बिताता है,
शहीद के बच्चे बिना बाप के कैसे जीवन जीते हैं,
माँ की सूनी मांग देखकर खून के आंसू पीते हैं,
भारत माँ का सपूत अपना जीवन अमर कर जाता,
माँ बाप बीबी बच्चों को दुखों से भरें संसार में अकेला छोड़ जाता,
सैनिक अपना जीवन देश सेवा में लगाता,
अपने प्राणों का बलिदान देकर अपना फर्ज निभाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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