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मंगलवार, 13 जुलाई 2021

एहसान

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत

दिनांक - 13/07/2021 

दिन-  मंगलवार

#विषय  - एहसान

विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)


इंसान हो तो एहसान करो धरती माँ पर, 

उसकी खूबसूरती को मत नष्ट करो, 

उसकी सजावट को बनाए रखने के लिए, 

अनगिनत पेड़ पौधों का रोपण करो, 

धरती माँ के किए एहसानों की कोई गिनती नहीं, 

एहसान फरामोशी करके मत अपने आप को कलंकित करो, 

पॉलिथीन का इस्तेमाल धरती माँ को बजर बनाता, 

मानव इस बात समझ नहीं पाता, 

अपने स्वार्थ में सब भूल जाता, 

मुसीबतें आने पर बहुत घबराता, 

गाडियों, कारखानों द्वारा वायु प्रदूषण बढ़ाता, 

पर्यावरण को शुद्ध रखने के उपाय बहुत कम अपनाता, 

आओ धरती माँ को पेड़ पौधों से सजाये, 

प्रदूषण से सबको निजात दिलायें, 

धरती माँ के एहसानों को हृदय में बसाये, 

अपनी धरती माँ को सुंदर और स्वच्छ बनाये । 


स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर



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