नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार फरुखाबाद इकाई
दिनांक - 07 /07/2021
दिन- बुधवार
#विषय - बच्चे मन के सच्चे
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
ऐ बच्चे मन सच्चे,
सब से प्यार पाते हैं,
हर एक के मन को भाते है,
सबसे लाड लगाते है,
छल कपट इनको नहीं आता है,
हर किसी को अपना समझते हैं,
खेल कूद समय बिताते है,
शरीर को मजबूत बनाते हैं,
विचार इनके शुद्ध होते हैं,
सबके प्यारे होते हैं,
माँ बाप की आंखों के तारे होते हैं,
इनका हर एक शब्द भाता है,
मन में इनके लिए और प्यार जगाता है,
बड़ों की डांट को सीख समझते हैं,
अपनी जिंदगी को बेफ्रिकी से जीते है ,
रूठे साथी को मानने में कभी देर नहीं करते है,
किसी के लिए कोई गिला शिक़वा दिल में नहीं रखते हैं,
इनको ईश्वर का रूप कहा जाता है,
स्वच्छ हृदय इनको ईश्वर का रूप बनाता है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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