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#हिंददेश परिवार जम्मू कश्मीर इकाई
दिनांक - 07 /07/2021
दिन- बुधवार
#विषय - कश्मीर की सुंदरता
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
धरती का स्वर्ग कहलाता,
अपनी खूबसूरती की खूशबू पूरे संसार में फैलाता,
कश्यप ऋषि का तप स्थान यही है,
कश्मीर के नाम से जाना जाता,
इसकी सुंदरता बहुत निराली,
बलिहारी जाती दुनिया सारी,
शिवशंकर ने भी यहाँ ध्यान लगाया,
वो पवित्र स्थान अमरनाथ कहलाया,
अखरोट, बादाम मेवों का करता उत्पाद,
केसर की खूशबू से महकाता पूरा संसार,
सेब जैसी ही मीठी इधर लोगों की बोली,
मिलकर सब धर्मों के लोग रहते जैसे हो हमजोली,
सफेद बर्फ से ढके पर्वत इसकी सुंदरता बढ़ाता,
सूर्य की किरणें पड़ने से सोने जैसे चमक जाते,
डल झील में शिकारे की सवारी करनी सबको भाती,
तन मन में नव उत्साह भर जाती,
दम आलू, पालव का स्वाद सबको भाता,
पेट में खाने की भूख को और बढ़ाता,
कश्मीर भारत का सि्वटज़रलैंड कहलाता,
अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में जाना जाता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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