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गुरुवार, 1 जुलाई 2021

सावन आया झूम के

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#नव साहित्य परिवार

दिनांक - 17 जुलाई, 2021

 दिन -  शनिवार

#विषय - 

विधा - स्वैच्छिक


हे सखी सावन आया झूम के, 

पिया की याद सताती, 

पिया मिलन की तड़प बढ़ती जाती, 

पिया कब घर आओगे, 

मेरे अतृप्त नयनों की प्यास बुझाओगे , 

पिया तेरे संग झूला झूल कर, 

मन अपना प्रसन्न कर लूंगी , 

सावन ने मेरे मन की प्यास को बुझाया, 

पिया का हृदय में ही दर्शन कराया, 

हरियाली को सावन ने बढ़ाया, 

चारों ओर खुशहाली लाया, 

सावन ने धरती को नवयौवना बनाया, 

उसकी खूबसूरती में चार चांद लगाया । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर




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