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शनिवार, 26 जून 2021

कसम

 नमन मंच काव्य प्रभा (अखिल भारतीय साहित्यिक मंच)

साप्ताहिक काव्य लेखन क्रमांक 02

#विषय कसम

#विधा कविता

#दिनाँक 26/6/2021

#दिन - शनिवार

हमनें इंसानियत का धर्म निभाने की कसम खाई है, 

कोई लगता नहीं बेगाना, 

हर इंसान मेरा बहन भाई है, 

हम अपनी कसम को दिल से निभाएंगे, 

सबके दिलों से नफरतें मिटायेंगे, 

हर किसी प्रेम की भाषा सिखायेंगे, 

प्रेम का रंग सबको लगायेंगे, 

मानवता की सेवा को दिल से कमाएगे, 

सबको दिल की भावनाएं समझाएगें, 

अपनी कसम को जीवन का लक्ष्य बनाएंगे, 

हर पल अपना कर्तव्य निभाएंगे । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर





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