नमन मंच 🙏🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार मध्यप्रदेश इकाई
दिनांक - 26/06/2021
दिन- शनिवार
#विषय - मन जीते, जग जीत
विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता)
मन जीतने वाला ही जग में विजेता कहलायेगा,
मन के मुताबिक चलने वाला अपना जन्म व्यर्थ गंवायेगा,
मन का रूख बदलना है ,
हमें ईश्वर के बताए रास्ते पर चलना है,
मन की चतुराई पहचानने का यत्न करें,
मन की दिशा ईश्वर परायण करें,
मन की गति जानने वाला बुद्धिमान बन जाता,
उस अपने किए कर्म का अच्छा बुरा सामने नजर आता,
मन रूपी अश्व को अपने काबू में रख,
उसकी लगाम को कभी ढीला मत छोड़ना,
हर विचार को हृदय रूपी तराजू में तोलना,
कभी न तूं डोलना ,
हर बात को सोच समझकर बोलना,
अपने पराये की भावना कभी न लाना,
हर किसी से निष्पक्ष निष्काम प्रेम बांटना,
जब तूं सबके मन को भायेगा ,
फिर तूं जग विजेता बन जाएगा ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें