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शुक्रवार, 25 जून 2021

ईश्वर दया का सागर है

 नमन मंच 🙏🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार हरियाणा इकाई

दिनांक - 25/06/2021

दिन- शुक्रवार

#विषय - ईश्वर दया का सागर है

विधा - स्वैच्छिक (छंदमुक्त कविता) 


प्रभु मेरे  दया करो , 

मेरे अवगुण चित न धरो, 

मेरा तूं ही सहारा है , 

करूणानिधि मेरा मन डोलता है, 

तुम इसे अडोलता तो दो, 

सि्थरता का स्तंभ बन जाओ, 

इस जहाँ में कोई नही अपना, 

सिर्फ मोह माया का जाल है, 

समझ आती है जब आता काल है, 

मै मेरी ने मन को मैल कर दिया, 

मन मस्तिष्क में विकारों की मैल को भर दिया, 

तुम ज्ञान के साबुन से मेरी मैल हरो , 

मेरे हृदय में सिर्फ प्रेम भावना ही सबके लिए भरो, 

मतलब परस्ती और दोगलेपन से बचाओं, 

मन चित में केवल सेवा का भाव जगाओ, 

मेरे मानव जन्म को दयासागर तुम ही सफल बनाओ । 


स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर


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