नमन मंच 🙏🙏🙏
ग्वालियर साहिति्यक एवं सांस्कृतिक मंच
दिनांक - 25/06/2021
दिन- शुक्रवार
#विषय - संत कबीर साहेब
विधा - कविता/ छंदमुक्त
रसना जपती आठ पहर ,
धन्य कबीर धन्य कबीर,
तुम जैसा कोई नहीं,
तुम हरो मेरे तन मन की पीड़,
जात पात का भेद मिटाया,
सबको ईश्वर की संतान बताया,
धार्मिक आडंबरों को पाखंड बताया,
प्रेम भक्ति का नया राह दिखाया,
ईश्वर का दर्शन हृदय में करवाया,
सबको सत्य मार्ग पर चलना सिखाया,
गुरु को ईश्वर से श्रेष्ठ बताया,
रामानंद जी से गुरूमंत्र पाया,
सिकंदर लोधी ने बहुत जोर लगाया,
राम नाम छुड़ा न पाया,
सिकंदर लोधी ने मान ली हार,
रसना जपती उसकी अब धन्य कबीर का जाप,
माता लोई से विवाह रचाया,
कमाल कमाली को पुत्र पुत्री के रूप में पाया,
कबीर साहेब ने निर्गुण ईश्वर की पूजा,
उस बिन जाना भाव दूजा,
कबीर साहेब की वाणी का सार,
सबसे करो दिल से प्यार,
कबीर साहेब से सब को बहुत प्यार,
वो है ईश्वर के पूर्ण अवतार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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