नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार अमेरिका इकाई
दिनांक - 17/06/2021
दिन- गुरुवार
#विषय - ज्ञान और संस्कार, सदा सजाये व्यवहार
विधा - गद्य - पद्य (आलेख)
ज्ञान और संस्कार ही मनुष्य का चरित्र निर्माण करते है । उसी के अनुसार ही मनुष्य का व्यवहार बनता है।क्योंकि मनुष्य जिस तरह के संस्कारों को सीखेगा ,उसी तरह का समाज में व्यवहार करता है । हमें हमेशा अच्छे संस्कार बच्चों को देने चाहिए। साधु,संतों, महापुरुषों की जीवनी बच्चों को पढ़कर सुनानी चाहिए । जिससे उनके अंदर अच्छे और शुभ गुणों का समावेश हो सकें।
महापुरुषों, संतों, गुरुओं के जीवन मनुष्य के लिए प्रेरणास्रोत है। जो मनुष्य को शुभ कार्य करने के लिए प्रेरित करते है । जीवन के कदम कदम पर हमारा मार्गदर्शन करते है। हमें कभी भटकने नहीं देता है । भगवान श्रीराम जी का जीवन हमें आदर्श पुत्र, पति, भाई , राजा बनने की प्रेरणा देता है । बच्चों को रामायण पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए ,ताकि उनके जीवन भी सकारात्मक बदलाव आ सकें।
अच्छे लोगों की संगति करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। जिससे उन्हें अच्छे ज्ञान मिल सकें। इससे उनको सत्य, अहिंसा, मैत्रीभाव, विश्वबंधुत्व की भावना, ईश्वरीय प्रेम जैसे गुणों का धारण करने की प्रेरणा मिलेगी। वह कभी सत्य के मार्ग से नहीं भटकेंगे ,उनके हृदय में समाज सेवा करने का चांव पैदा होगा। वह अच्छे समाज सेवक बनेगें और उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं ।
अच्छा ज्ञान और अच्छे संस्कारों से ही अच्छा व्यवहार बनता है। इसलिए अच्छे ज्ञान और अच्छे संस्कारों को हमेशा ग्रहण करना चाहिए ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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