#हिंददेश परिवार बिहार इकाई
# दिनांक - 06/05/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - सितारों से आगे
# विधा - कविता
सितारों से आगे मैंने सोच रखा,
हर एक रिश्ते को प्यार से पिरो रखा है,
सितारों से ज्यादा में चमक जाऊँगा,
दुनिया में अपनी नई पहचान बनाऊंगा,
सितारों सी चमकती मेरी सोच है,
हरेक को कायल करते मेरे बोल ,
सितारों सा आकर्षण मेरे गुणों में है,
तभी मुझे देखने के लिए सब बेकरार रहते ,
सितारों सी सुंदरता मेरे अंतर में है,
तभी तो प्यारा लगता पूरा संसार ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें