# नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार दिल्ली इकाई
# दिनांक - 06/05/2021
# दिन - गुरुवार
# विषय - झरना
# विधा - गद्य - पद्य
झरना जल रूपी प्रेम बरसाता,
सब पर बिना भेद के प्रेम लुटाता,
विघ्न बाधाओं को दूर करता,
आगे बढ़ने की सबको प्रेरणा देता,
झरना हमेशा आगे बढ़ता जाता,
मुश्किलों से नहीं घबराता,
झरना सब की प्यास बुझाता,
भेदभाव किसी से नहीं करता,
झरना से जल बहता जाता,
सब ओर खुशहाली लाता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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