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बुधवार, 19 मई 2021

पंचशील

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# ग्वालियर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच

# दिनांक - 21/05/2021

# दिन - शुक्रवार

# विषय - पंचशील

# विधा - छंदमुक्त कविता

जीव हिंसा मुझे ना भाती, 

मानवता से दूर ले जाती, 

नर से निशाचर वो बन जाता, 

जो जीवो पर बल से हिंसा कमाता , 

पंचशील का पहला सिद्धांत हिंसा से बचाता, 

इंसान को इंसानियत की याद दिलाता । 



पराई वस्तु देखकर चित न डुलाता, 

मेहनत कमाकर दोनों वक़्त खाता, 

पराया हक मुझे न भाता, 

पंचशील का दूसरा सिद्धांत यही सीख सिखाता। 


पराई स्त्री मुझे माँ बहन नजर आती, 

मेरी निगाह उन पर जाती, 

औरत की इज़्ज़त करना मेरा धर्म सिखाता, 

पंचशील का तीसरा सिद्धांत औरत की इज़्ज़त बढ़ाता, 

मनुष्य के चरित्र को गौरवमयी बनाता। 


चगुली निंदा मानव को नीच बनाती, 

दूसरों के अवगुणों का भार सिर पर उठवातीं, 

इंसान चरित्र को दूसरों के सामने गिराती, 

पंचशील का चौथा सिद्धांत चुगली निंदा से बचाता, 

जुबान को पवित्र रखने की सीख सिखाता। 


नशीली वस्तुएँ  इंसान को बर्बादी पर ले जाती, 

अच्छे बुरे की समझ भुलाती, 

पंचशील का पांचवा सिद्धांत नशों से बचाता, 

जिंदगी में आनेवाली मुश्किलों को दूर हटाता। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर





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