# नमन मंच 🙏🙏🙏
# ग्वालियर साहिति्यक एवं सांस्कृतिक मंच
# दिनांक - 29/05/2021
# विषय- साइकिल की सवारी
# विधा - लघुकथा/कहानी/संस्मरण
आज से 20 सार पहले साइकिल सब बच्चों की मनपसंद वस्तु थी ।विनोद को साइकिल चलाने के बहुत शौक था ,लेकिन साइकिल खरीदना उनके वश में नहीं था क्योंकि घर के आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। लेकिन अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करना कोई आसान बात नहीं है खासकर बचपन में।
विनोद के विद्यालय में एक खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को पंद्रह सौ रूपये का ईनाम देने की घोषणा की गई । विनोद ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सोचा । घर पर भी सभी सदस्यों ने उसे प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दें दी।
विनोद ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए अभ्यास करना आरंभ किया । वह एक दिन में चार घंटे रोज दौड़ने का अभ्यास करता था। प्रतियोगिता का दिन भी आ गया। सौ बच्चों ने दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया, जिनमें विनोद को दौड़ में प्रथम स्थान हासिल हुआ । ईनाम के पंद्रह सौ रूपये विनोद को मिल गए , की खुशी का कोई ठिकाना न था। वह अत्यंत प्रसन्न था।
उसने ईनाम की राशि अपने पिता जी को सौंप दी। पिता जी ने शहर जाकर उसके लिए साइकिल खरीदकर लाया । विनोद को साइकिल चलाने का बहुत आनंद आया ,जो किसी हवाई जहाज़ की सवारी करने वाले व्यक्ति को भी प्राप्त न हो ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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