# नमन मंच 🙏🙏🙏
#साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई
# दिनांक - 10/06/2021
# दिन- बृहस्पतिवार
# विषय- क्षितिज
# विधा - छंदमुक्त कविता
पक्षी ऊंची ऊंची उड़ान भरता,
क्षितिज को छूने का प्रयास करता,
क्षितिज पर पहुँचना उसका सपना लगता,
हर बादल उसे अपना सा प्रतीत होता ,
क्षितिज की सुंदरता उसको बहुत भाती,
लगता है उसको पास बुलाती,
पहाड़ों से आकाश धरती से मिलता नजर आता,
वो नजारा सबको बहुत भाता ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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