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शनिवार, 29 मई 2021

क्षितिज

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

#साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई

# दिनांक - 10/06/2021

# दिन- बृहस्पतिवार

# विषय- क्षितिज

# विधा - छंदमुक्त कविता

पक्षी ऊंची ऊंची उड़ान भरता, 

क्षितिज को छूने का प्रयास करता, 

क्षितिज पर पहुँचना उसका सपना लगता, 

हर बादल उसे अपना सा प्रतीत होता , 

क्षितिज की सुंदरता उसको बहुत भाती, 

लगता है उसको पास बुलाती, 

पहाड़ों से आकाश धरती से मिलता नजर आता, 

वो नजारा सबको बहुत भाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर






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