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रविवार, 30 मई 2021

बारिश भावनाओं की

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

#नव साहित्य परिवार

# दिनांक -29-31/05/2021

# दिन - शनिवार से सोमवार

# विषय - बारिश भावनाओं की

# विधा - स्वैच्छिक 

भावना भी बारिश जैसी होती, 

दुखी मन की चिंता सब हर लेती, 

दया महामानव दिखाते, 

सबके दुख हरते, 

भावना पशु को भी प्रेम सिखा जाती, 

हिंसा की भावना भुलाती, 

पशु भी प्रेम लुटाता, 

अपना फर्ज खूब निभाता, 

इंसान तूं भी भावनाओं की बारिश बरसा, 

सभी को अपने गले लगा, 

जात, पात, धर्म, नस्ल का भेद भुला, 

सबसे अपना प्रेम निभा । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर





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