# नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार उतराखंड इकाई
# दिनांक - 21/05/2021
# दिन - शुक्रवार
# विषय- पर्वत
# विधा - गद्य- पद्म
पर्वत शब्द सुनते ही हमारा ध्यान हरे हरे पेड़ पौधों की तरफ चला जाता है । जो पर्वत की शोभा को बढ़ाते हैं । पर्वतीय क्षेत्र का वातावरण बहुत शुद्ध होता है । वहाँ रहने वाले लोगों में रोग बहुत कम होते हैं ।
हमारे देश में बहुत सारे ऋषि, मुनि, संत, महापुरुष आध्यात्मिक साधना के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में जाते थे। वही रहकर तपस्या करते थे, क्योंकि वहाँ का वातावरण बहुत शांत और शुद्ध होता है। वहाँ ध्यान करना सरल होता है । आज भी बहुत सारे सतपुरूष आध्यात्मिक उन्नति के लिए पर्वत पर जाना सही समझते हैं।
जब भी कोई बीमार होता है डॉक्टर उसे पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने की सलाह देता है ,जिससे उन्हें शुद्ध वातावरण और मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकें क्योंकि वहाँ का वातावरण प्रदूषण मुक्त होता है ।
बच्चे को भी पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा बहुत भाती है । वे भी गर्मियों की छुट्टियों में पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करना चाहते हैं, क्योंकि उनको बर्फ के साथ खेलना बहुत अच्छा लगता है।
क्या बच्चे, क्या जवान, क्या बूढ़ा सबको पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करना बहुत अच्छा लगता है । क्योंकि वहाँ का वातावरण शुद्ध, शांत, ठंडा और मनमोहक होता है । जो सब लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें