#हिंददेश परिवार कर्नाटक इकाई
# दिनांक -10/05/2021
# दिन - सोमवार
# विषय - कवि और कविता
# विधा - स्वैच्छिक
कवि के बोल कविता बन जाते,
संसार को नया पैगाम दे जाते,
कवि कल्पना की उड़ान भरता,
पेड़ पौधों पहाड़ से बातें करता,
कवि की सोच कविता बन जाती,
संसार में नया बदलाव लाती ,
कविता से कवि का प्यारा नाता,
कविता के माध्यम से कवि अपनी भावनाएँ संसार को बताता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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