फ़ॉलोअर

मंगलवार, 11 मई 2021

जिंदगी की आस

# नमन मंच 🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार उतराखंड इकाई

# दिनांक - 15/06/2021

# दिन - मंगलवार
# विषय - जिंदगी की आस
# विधा - स्वैच्छिक

कोरोना काल में, 

हाहाकार मचा सब ओर, 

मातम पसरा नगरों, शहरों में, 

तभी भी मनुष्य नहीं घबराता , 

जीने की आस लिए, 

सब सुरक्षा के उपाय अपनाता । 

मास्क से मुहं ढक , 

सैनिटाइजर को बार बार, 

हाथ पर लगाता, 

हैडवॉश से हाथ साफ कर, 

जीने की आस लिए, 

निज जीवन की सुरक्षा के लिए, 

हर उपाय अपनाता। 

दो गज की दूरी , 

हमेशा दूसरों से बनाता, 

जरूरी काम होने पर ही, 

घर से बाहर जाता, 

जीने की आस लिए, 

सब सुरक्षा के उपाय, 

निज जीवन और समाज के लिए अपनाता । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू  , जम्मू कश्मीर












कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...