# नमन मंच 🙏🙏🙏
# नव साहित्य परिवार
# दिनांक - 08/04/2021
# दिन - बृहस्पतिवार
# विषय - मैं भी प्रधान बनूंगा
# विधा - छंदमुक्त कविता
मैं भी प्रधान बनूंगा,
गाँव की खुशहाली के लिए हर काम करूँगा।
शिक्षा का दीपक जलाऊँगा,
अज्ञान का अंधेरा मिटाऊंगा।
बेरोजगारी का नाम न होगा,
हर किसी के पास अपना रोजगार होगा।
भूखा कोई न सोयेगा,
हर कोई चैन की नींद में खोयेगा।
लड़ाई झगड़े का गाँव में नाम होगा,
मेरे जैसा जब प्रधान होगा।
सब के स्वास्थ्य का ध्यान रखूंगा ,
डाक्टर को अपने साथ रखूंगा।
हर कोई खायेगा मीठे पकवान,
जब मैं बन जाऊँगा प्रधान। ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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