#नमन मंच 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
#साहित्य संगम संस्थान पंजाब इकाई
#दिनांक - 09.04.21
#दिन- शुक्रवार
#विषय - चित्र आधारित
#विधा- स्वैच्छिक
गौरैया की चीं चीं की आवाज
करती सुबह होने का आगाज
मंद मंद पवन सुख का अहसास कराती
तन मन की थकान मिटाती
पेड़ पौधों धरती की शोभा बढ़ाते
उसकी सुंदरता में चांद चांद लगाते
नदियों की निर्मल धारा
करती धरा को हरा भरा
गगन में टिम टिमाते तारें
सब को लगते बहुत प्यारे
प्रकृति माँ से हमारा रिश्ता न्यारा
वो लूटाती है स्नेह अपना सारा
इस रिश्ते को मजबूत बनायेंगे
धरतीपुत्र होने का फर्ज निभायेंगे।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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