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शनिवार, 24 अप्रैल 2021

असली सुंदरता

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

#हिंददेश परिवार पत्रिका दिल्ली इकाई

# दिनांक - 23/04/2021

# दिन - शुक्रवार

# विषय - असली सुंदरता

# विधा - गद्य - पद्य (आलेख) 

मनुष्य को ईश्वर ने अपने स्वरूप में घडा है यह सभी धर्म ग्रंथों में

लिखा गया है  । ईश्वर ने ८४ लाख योनियो में मनुष्य को सबसे ज्यादा बुदि्धमान और चतुर बनाया है जिससे अपने अच्छे बुरे की पूरी समझ है कौन सा कार्य उसके लिए अच्छा है और कौन सा कार्य उसकी अवनति का कारण बन सकता है । इतनी समझ होने के बावजूद भी इंसान आज बहुत ज्यादा भटक गया है । वो सिर्फ अपने बाहरी स्वरूप को संवारने में ही लगा हुआ है। असली सुंदरता का ज्ञान शायद उसने भूला दिया है। 

बाहरी सुंदरता तो समय के साथ ढल जाती है । लेकिन इस असलीयत का ज्ञान होने के बावजूद असली सुंदरता को हम पहचानने की कोशिश ही नहीं करते हैं। जब हमें असली सुंदरता का ज्ञान हो जाएगा हमारे दिल की भटकना समाप्त हो जाती है हमें गहरी शांति का अनुभव होता है। 

जब हमें समस्त संसार में ईश्वर का रूप दिखाई देने लगे और हमें हर कोई अपना सा लगने लगे । दुखी इंसान को देखकर हमारे हृदय में दया की भावना जागृति होती है असल में यही असली सुंदरता है जो हमारे जीवन को ऊंचा उठाती है। हमें कोई भी इंसान छोटा या बड़ा दिखाई नहीं देते है। सबसे हम एक समान प्रेम करते हैं जाति धर्म, वर्ण को महत्व नहीं देते है  मानव सेवा ही हमारा अमली धर्म बन जाता है यह सुंदरता जीवन के समाप्त हो जाने पर भी समाप्त नहीं होती बल्कि सदियों तक लोगों को आकर्षित करती रहती है। 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर

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