# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई
# दिनांक - 02/04/2021
# दिन - शुक्रवार
# विषय - स्वतंत्र
# विधा - गजल
आंसूओ को पीना, बहुत मुश्किल है,
गम को सहना भी, बनाता जिंदगी को अविचल है ।
हर गम जिंदगी को नई सीख दे चला है,
हर गम अब दवाई बन चला है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें