नमन मंच 🙏🙏🙏
#भारतीय
दिनांक - 17/07/2021
दिन - शनिवार
#विषय - दुल्हन
विधा - छंदमुक्त कविता
सोलह श्रृंगार ने सुंदरता निखारी,
लगता है कोई अप्सरा धरती पर उतर आई।
चेहरा उसका सोने सा चमकता,
माथा हमेशा रहता दमकता।
हर कोई उसकी खूबसूरती करता बखान,
चौबीस घंटे पिया का रहता उसमें ध्यान।
पिया पर प्यार बरसाती,
अपने सपने पिया संग सजाती।
दुल्हन का चेहरा पिया को भाता ,
हृदय प्यार से भर जाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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