# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान गुजरात इकाई
# दिनांक - 09/04/2021
# दिन - शुक्रवार
# विषय - मै जिंदा हूं
# विधा - स्वैच्छिक
इंसानियत के गुण लिए,
दया की भावना रखें,
वफादारी की सीख सिखाती ,
मैं भारत माता की आत्मा, अभी भी जिंदा हूं।
दीन दुखियों की दशा देख,
उनकी मजबूरियों को समझकर,
सब की मददगार बनती ,
मैं भारत माता की आत्मा अभी भी जिंदा हूं ।
पश्चताप करते वो मतदाता देखकर,
उनके सुनहरे सपनों को टूटते देखकर,
दुख भरी सिसकियों को महसूस कर,
मैं भारत माता की आत्मा अभी भी जिंदा हूं।
भारत की तरक्की देखने के लिए,
सब के ईमान को जगाने के लिए,
देश को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए,
मैं भारत माता की आत्मा अभी भी जिंदा हूं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू,जम्मू कश्मीर
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