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बुधवार, 28 अप्रैल 2021

अपनी आँखों से देखा है

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# कलमकार कुम्भ साहित्य संस्थान

# दिनांक - 28/04/2021

# दिन - बुधवार

# विषय - अपनी आँखों से देखा है

# विधा - स्वैच्छिक

अपनी आँखों से देखा , 

मैंने प्रीतम का प्यार, 

उसका मेरे लिए होना बेकरार, 

मुझे आंखों से ढूंढना, 

मुझे मिलने के लिए, 

कर देता हर हद पार, 

अपनी आँखों में ,

मेरी छवि भर लेता है, 

मुझे देखने के लिए ,

हर पल बहाना ढूंढ लेता है, 

अपनी आंखों से मुझे 

मेरा पिया ही सब ओर दिखता है । 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू,  जम्मू कश्मीर






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