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शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

नारी का सम्मान

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना इकाई

# दिनांक - 09/04/2021

# दिन - शुक्रवार

# विषय -नारी का सम्मान

# विधा - कविता

नारी ही गृह की शोभा बढ़ाती, 

हर काम में हाथ बटाती । 

परिवार के लिए जीते मरती, 

हर कार्य हृदय से करती। 

कुर्बानी की मूरत न्यारी, 

कुदरत जाती सारी बलिहारी। 

राम, कृष्ण, नानक की यही महतारी, 

गोद में समाई है सृष्टि सारी। 

यही दुर्गा, यही माँ काली, 

यही महादेव की अर्धांगिनी प्यारी। 

साम्मान करता जग सारा, 

ऋण कैसे उतर पायेगा इसका जग सारा। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर








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