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मंगलवार, 13 अप्रैल 2021

प्रशंसा


# नमन मंच 🙏🙏🙏


# साहित्य संगम संस्थान तेलंगाना  इकाई


# दिनांक - 13/04/2021


# दिन - मंगलवार


# विषय - प्रशंसा


# विधा - कविता


अध्यापक भी प्रशंसा का हथियार अपनाता, 


शिष्यों को तभी पढ़ा पाता, 


प्रशंसा शिष्यों का हौंसला बढ़ाती, 


ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करती, 


पत्नी अपने लिए प्रशंसा के बोल सुनती, 


अपनी जान से ज्यादा पति को चाहती, 


रण में लड़ता योद्धा प्रशंसा  पाता, 


जीतने के बाद नगाड़ा बजाया जाता, 


नगाड़े की आवाज उसमें जोश जगाती, 


 शक्ति और ताकत को, और अधिक बढ़ाती, 


हर कोई प्रशंसा चाहता, 


महान कार्य कर नहीं पाता, 


झूठी प्रशंसा अहंकार को जन्म देती, 


नैतिक पतन का कारण बनती। 


स्वरचित  एवं मौलिक


अमरजीत सिंह 


जम्मू, जम्मू कश्मीर



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